Braj Ki Boli

Wednesday, 25 December 2019

क्रिसमस कौ त्यौहार



जिंगल बैल जिंगल बैल गामत भयौ सैंटा आबै, आपके जीवन कूँ खुशियन ते भर जाबै ।
भगवान ऎसी क्रिसमस तुमकूँ बेर-बेर लामें, बुड्ढे सैंटा ते तुम मनमानौ उपहार पामें ।।


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Saturday, 30 November 2019

Learn BrajBhasha Sentences

Learn BrajBhasha Sentences

In Market-
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Hindi– भारतीय बाजारों में दालों के भाव अभी तो गिरने का नाम ही नही ले रहे हैं |
BrajBhasha-भारतीय बजारन में दारन के भाव अबई तौ गिरबे कौ नाम ऊ नाँय लै रे ऍह |
Hindi– भाई ठेले वाले से चार किलो कच्चा आम ले लो |
BrajBhasha– भैया ठेला बारे पै ते चार किलो कचचौ आम लै लेऔ |
Hindi– इधर से उधर घूम रहा हूँ पर मुझे मंडी की तरफ जाने वाली गली नही मिल रही है |
BrajBhasha– इत ते बित डोल रौ ऊँह ,पर मोय मंडी के माँऊँ जाबे बारी गली नाँय मिल रई |
Hindi– इस बाजार में फलों और सब्जियों के आलावा कपडे भी मिलते हैं |
BrajBhasha-या बजार में फलन और सब्जीन के आलावा लत्ता ऊ मिलतें |
Hindi– यहाँ से वहाँ तक कपड़ों की दुकानों की लाइन लगी हुई हैं |
BrajBhasha– यांह ते वहां तक लत्तांन की दुकानन की लैन लगी परी ऍह |
Hindi– बरसात आने की बजह से सारे बाजार में पानी भर गया है-
BrajBhasha-मेह आबे के मारें सबरे बजार में पानी भर गयौ ऍह |
Hindi– सरकार को कीमतौं पर काबू करना चाहिए |
BrajBhasha– सरकार कूँ कीमतंन पै काबू करनौ चहियै |
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In School-
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Hindi– आपके स्कूल के लिए यहाँ से बस किधर मुड़ती है |
BrajBhasha– तुम्हारे स्कूल कि बस यांह ते कितकूँ मुड़तै |
Hindi– रोहन और सोहन के स्कूल के बारे में उनको नही पता |
BrajBhasha– रोहन और सोहन के स्कूल के बारे में बिन्नै नाँय पतौ |
Hindi– मुझे लगता है कि ये स्कूल आठवी से दसवी तक हो जायेगा |
BrajBhasha– मोय लगतौ ऍह कै स्कूल आठवी ते दसवी तानी है जाबैगौ|
Hindi– छोटे छोटे बच्चौ के लिए थोड़ी थोड़ी दूरी पर शेल्टर बने हुए हैं |
BrajBhasha– लौहरे – लौहरे बच्चन कूँ नैंक नैंक दूर पै शेल्टर बने भये ऍह|
Hindi– मैं स्कूल जाता हूँ-|
BrajBhasha– मैं स्कूल जामतौ ऊँह |
Hindi– वो अपने बड़ों के पैर छूता है |
BrajBhasha– बू अपने बड़ेन के पैरन नैं छीमतौ ऍह |
Hindi– लंच टाइम कितने बजे से कितने बजे कि बीच में होता है |
BrajBhasha– लंच टाइम कै ते कै बजे के बीच में हैमतौ ऍह |
Hindi– इस देश में पढ़ने वालो की संख्या अब भी काम है जिसे आंकड़े प्रदर्शित करते हैं |
BrajBhasha– या देश में पढ़बे बारेन की गिनती अबऊ काम ऍह जाय आंकड़े दरशामतैं|
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At Railway Station-
Hindi– टिकिट घर कहाँ है |
BrajBhasha– टिकट घर काँ ऍह |
Hindi– दिल्ली जाने वाली ट्रेन कब आएगी |
BrajBhasha– दिल्ली जाबे बरी रेल कब आबैगी |
Hindi– उस से अगली ट्रेन कोनसी है |
BrajBhasha– बा ते आगल्ली रेल कुनसी ऍह |
Hindi– छोटे छोटे बच्चौ के लिए थोड़ी थोड़ी दूरी पर शेल्टर बने हुए हैं-
BrajBhasha– लौहरे – लौहरे बच्चन कूँ नैंक नैंक दूर पै शेल्टर बने भये ऍह|
Hindi– दिल्ली से मथुरा का टिकिट कितने का है |
BrajBhasha– दिल्ली ते मथरा कौ टिकट कै कौ ऍह |
Hindi– ट्रेन इसी प्लेटफार्म पैर आएगी क्या?
BrajBhasha– रेल यई प्लेटफार्म पै आबैगी काह?
Hindi– तुम प्लेटफार्म टिकिट क्यों नही ले लेते?
BrajBhasha– तू प्लेटफार्म टिकट चौं नाँय लै लेय?
Hindi– ये आ गया आपका रेलवे स्टेशन ,यहाँ आप ट्रेन पकड़ सकते हो |
BrajBhasha– ई आयगौ तुम्हारौ रेलवे स्टेशन यांह ते तुम अपनी रेल पकर सकें |

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साभार:- ब्रजवासी 


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Tuesday, 16 January 2018

Learn BrajBhasha Quotes


Learn BrajBhasha Quotes-




1- Learn BrajBhasha Quotes
https://omansaubhari.wordpress.com/2018/01/15/learn-brajbhasha-quotes-3/

2- Learn BrajBhasha Quotes

https://omansaubhari.wordpress.com/2018/01/13/learn-brajbhasha-quotes-6/

3-  Learn BrajBhasha Quotes

https://omansaubhari.wordpress.com/2018/01/12/learn-brajbhasha-quotes-5/

4-  Learn BrajBhasha Quotes

https://omansaubhari.wordpress.com/2018/01/11/learn-brajbhasha-quotes-4-in-hindi/


5-  Learn BrajBhasha Quotes


https://omansaubhari.wordpress.com/2018/01/10/1121/

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Friday, 1 December 2017

Braj ke mandaliy prateek

Braj ke mandaliy prateek

Braj ke Mandaliy Prateek-

कदम्ब कौ पेड़ (cadamba) : Brajbhasha-
कदम्ब कौ पेड़ ब्रज में सब पेड़न में लोक प्रिय ऍह |
भगवान कृष्ण कूँ अति प्यारौ लगतौ ऍह |
जब गेंद निकारबे कूँ बिन नै यमुना में छलांग लगाई हती,तौ बू कदम्ब कौ ई पेड़ हत कहियो |
आजकल नौघरेन (नयौ घर या वाड़ा ) में कहूँ -कहूँ मिल जामतौ ऍह |
गोपिकान के वस्त्र हरण करे हते, तबऊ कदम्ब के पेड़ कौ ही बर्णन मिलतौ ऍह |
वैसे कदम्ब के पेड़ के पत्ता और बीजन ते ” इत्र ” बनायौ जामतौ ऍह |
या की पत्ती,छाल,फल कूँ समान मात्रा मे लेंकैं काढ़ौ पीबे ते टाईप २ डायाबिटीज ठीक है जामतै |
कभऊ-कभऊ औरतें ऊ सिंगार के रूप में प्रयोग करतें |
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गैया-
ब्रज में “गैया” (गइया ) ऐसौ जानवर ऍह, जाय माँ के रूप में देखौ जामतौ ऍह |
ई कृष्ण की अति प्यारी चीजन में ते एक ऍह |
या में (गइया में ) सबरे देवतान कौ वास बतामत कहियें, ऐसौ पुराणन में लेख मिलतौ ऍह |
अन्य जानवरन की तुलना में ई सब ते उत्तम दूध दैमतै |
वैदिक काल ते ई “गइया” कौ बड़ौ ई महत्व रह्यौ ऍह |
गइयाँन की भारत में ३० ते ऊ ज्यादा नस्ल पायी जामतें |
विश्व में गइयाँन की कुल संख्या १३ खरब (1.3 बिलियन) हैबे कौ अनुमान ऍह, बिन में ते भारत में 281,700,000 (२८ करोड़ ते ज्यादा ) एन्ह |
गइयाँन राखबे भारत कौ 5 मौ स्थान ऍह |
ब्रज भूमि में “गइया मैया” की सब ते ज्यादा गऊशाला हैं |
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मोरा-
ब्रज कौ सबसे प्रसिद्द पक्षी “मोरा” ऍह |
ब्रज मोरा सबेरे-सबेरे (धौंताय) कुक्यामते भये देखे जा सकतैं |
देखबे में बहौतई मलूक लगतें |
कृष्णा अपने मुकुट में “मोरपंख” राखत हते (हत कइये )|
कृष्णा कन्हैया कूँ बड़े प्यारे लगत हत कइये “मोरा पक्षी” , ऐसौ पुराण में बर्णन मिलतौ ऍह |
मोरा एक ऐसौ पक्षी ऍह जो सम्भोग करे ई बिना, आँसूँन नै मोरनी कूँ पिलबा कैं अपनी संतान उत्पत्ति करबामतौ ऍह |
ई काम बू तब करतौ ऍह जब नाचतौ ऍह |
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पारंपरिक रहबे , बिछाबे, फटकबे , रखबे के संसाधन –
पुराने समय ते ई काँस (एक प्रकार की घास ),डाब (जटिल घास ), सरपते,बिनडॉरी आदिन कौ बड़ौ ई महत्व रह्यौ हतै |
1-बोइया (काँस तेरोटी रखबे बारौ डिब्बा ),
2-सूप (फटकबे के लें बिनडॉरी की सिरकीन ते बनामतैं)
3-ईंड़ई (ई डाब ते बनतै,और बोझ उचबे कूँ सिर के नीचें लगामतैं )
4-बुर्जी और बिटौरा की छान (इन्नै बनाबे कूँ बिनडॉरी कौ प्रयोग हैमतौ ऍह)
5-छप्पर (छप्पर छायबे कूँ बिनडॉरी के पत्ता (सरपतेन )कौ प्रयोग हैमतौ ऍह )

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साभार:- ब्रजवासी 


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LEARN BRAJBHASHA QUOTES 2

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Learn BrajBhasha Quotes 2




November 15, 2017 omanpandey brajbhasha, brajkiboli, Languagesbrahbhasha quote,brajkiboli quotes, Learn Brajbhasha quotes, learnbrajbhasha

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